1971 के युद्ध में पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था इस टैंक ने
1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक को सूरत लाया गया। युद्ध के दौरान इस टैंक ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। युद्ध में इस्तेमाल किए जाने के बाद इस T55 टैंक को सूरत महानगर पालिका ने यहां लाने का जतन किया। सूरत के लोग युद्ध में इस्तेमाल किए गए संसाधनों से परिचित हों, उसे करीब से देख सकें, इसलिए इसे मंगवाया गया।
साइंस सेंटर में रखा है टैंक
विधायक प्रफुल्ल पानशेरिया ने बताया कि पिछले दो साल से इस टैंक को प्राप्त करने के लिए पत्र व्यवहार जारी था। इस टैंक को पूना के खड़की शहर से लाया गया है। वहां युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों का डिपो है। अब यहां इस टैंक का रिपेरिंग और कलर का काम होगा, फिर उसे कतारगाम के आंबा तलावड़ी सर्कल पर रखा जाएगा।
अब युद्ध का जहाज लाया जाएगा
युद्ध में उपयोग में लाए गए विमान अथवा टैंक को लोग करीब से देखें, इसलिए सबसे पहले एक विमान प्राप्त किया, उसे सरथाणा के नेचर पार्क में रखा गया। अब टैंक को कतारगाम के आंबातलावड़ी सर्कल के पास रखा जाएगा। इसके बाद पालिका ने जहाज के लिए कोशिशें शुरू कर दी है। जब जहाज मिल जाएगा, तो उसे डुमस में रखा जाएगा।
टैंक के बारे में जानकारी
वजन- 36 टनलंबाई- 4.45मी
चौड़ाई- 3.37मी
4 व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था
800 होर्सपावर का इंजन
48 किमी स्पीड प्रति घंटे
205MM की तोप
रेंज- 2 थी 3 कि.मी.
1946 से1981 तक टैंक का प्रोडक्शन हुआ।
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